चाणक्य नीति: जिस घर में ये चार निवास करता हो उस घर के मालिक का मृत्यु निश्चित है, आचार्य चाणक्य

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आचार्य चाणक्य एक राजनीतिज्ञ थे उन्होंने लोगों के जीवन से जुड़े बहुत सारे उपदेश दिए हैं जिन्हें लोग आज चाणक्य नीति के रूप में जानते हैं। चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य के द्वारा एक अच्छे जीवन संबंधित बहुत सारे नीति बताई गई है। तो आइए पढ़ते हैं चाणक्य नीति का एक नया उपदेश

दुष्ट स्त्री, छल करने वाला मित्र, पलट कर जवाब देने वाला नौकर तथा जिस घर में सांप रहता हो उस घर में निवास करने वाले मालिक की मौत में संशय ना करें । वह निश्चित मृत्यु को प्राप्त होता है।

अर्थात आचार्य चाणक्य का कहना है की जिस घर में दुष्ट और दुराचारी पत्नी हो तो उसके पति का जीना, ना जीने के बराबर ही है वह अपने अपमान और लज्जा के बोल से तो वैसे ही मृतक समान है । ऊपर उसे सदैव यह भी भय बना रहता है की यह स्त्री अपने स्वार्थ के लिए कहीं उसे विष न दे दे। क्योंकि दुष्ट और दुराचारी स्त्री पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता है उसे तो सिर्फ अपने स्वार्थ की परी रहती है और इसके लिए वह अपने पति का जान भी ले सकती है। इसीलिए चाणक्य नीति ऐसे दुष्ट और दुराचारी पत्नी से सावधान रहने को कहा गया है।

ठीक उसी प्रकार से अगर गृहस्वामी का दोस्त यानी मित्र दगाबाज हो, धोखा देने वाला हो तो ऐसे दोस्त को चाणक्य नीति में आस्तीन का सांप कहा गया है क्योंकि वह कभी भी अपने स्वार्थ के लिए अपने मित्र को संकट में डाल सकता है जिससे उबरना उसकी सामर्थ्य से बाहर की बात होती हो । उस परिस्थिति में वह जीते जी मर जाता है। इसीलिए चाणक्य नीति में ऐसे मित्र से हमेशा सतर्क और सावधान रहने के लिए कहा गया है।

ठीक उसी प्रकार घर का नौकर यदि बदजुबान हो, पलट कर दिखा जवाब देने वाला हो, बात बात में झगड़ा करने वाला हो तो ऐसे नौकर को भी चाणक्य नीति में आस्तीन का सांप कहा गया है क्योंकि ऐसा नौकर निश्चित रूप से घर का वेद बाहर बता कर घर के मालिक को संकट में डाल सकता है।

और आगे आचार्य चाणक्य ने अपने चाणक्य नीति में बताया है की जिस घर में सांप रहता हो उस घर के मालिक को हमेशा भय बना रहता है कि उसे सांप डस न ले। इस प्रकार का डर मृत्यु के डर से भी भयानक होता है। जिसके कारण ग्रह स्वामी चिंता से ग्रसित होकर मृत्यु को प्राप्त करता है इसीलिए चाणक्य नीति में बताया गया है। घर का हमेशा देखरेख करना चाहिए ताकि उसमें सांप ना रह पाए।

अर्थात आचार्य चाणक्य के इस चाणक्य नीति मैं यह कहना है की किसी भी व्यक्ति को दुष्ट स्त्री,आस्तीन के सांप मित्र, वचाल नौकर और घर में छिपे सांप से सतर्क रहना चाहिए उसका चुनाव हमेशा सोच समझ कर करना चाहिए।

दोस्तों क्या आप भी अचार्य चाणक्य के इस नीति को सही मानते हैं तो आप हमें कमेंट में हां या ना लिखिए और साथी आप अपनी राय भी कमेंट के माध्यम से दे सकते हैं। और इसी प्रकार के खबर को आप अपने मोबाइल में पढ़ना चाहते हैं तो हमें फॉलो कीजिए धन्यवाद!

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